णमो अरिहंताणं · णमो सिद्धाणं · णमो आइरियाणं · णमो उवज्झायाणं · णमो लोए सव्वसाहूणं
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साहित्य

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403 ग्रंथ

क्षत्र-चूड़ामणि (जीवंधर चरित्र)

क्षत्र-चूड़ामणि (जीवंधर चरित्र)

Hindi

आचार्य श्री वादीभसिंह सूरि जी द्वारा रचित प्रस्तुत ग्रंथ "क्षत्र चूड़ामणि" में णमोकार मंत्र की महिमा को जीवन्धर कुमार के माध्यम से दर्शाया है। जीवन्धर कुमार ने कुत्ते को णमोकार मंत्र सुनाया जिससे वह स्वर्ग में देव हुआ। प्रस्तुत ग्रंथ मनोहारी, सुपाठ्य, गीयमान, अनेक नीति-रीति, कहावतों, मुहावरों, लोकोक्तियों और दृष्टांतों से परिपूरित है। इस ग्रंथ की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमे श्रृंगार रस का बाहुल्य और अलंकारों का अतिरेक नहीं है। यह ग्रंथ संक्षिप्त, सारगर्भित, सुगम, बोध गम्य एवं लुभाने वाला है।

खवगराय-सिरोमणी (क्षपकराज शिरोमणि)

खवगराय-सिरोमणी (क्षपकराज शिरोमणि)

Prakrit

प्रस्तुत प्राकृत ग्रंथ "खवगराय सिरोमणि" क्षपकराज शिरोमणि परम पूज्य राष्ट्र संत आचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज का आदर्श व प्रेरक जीवन चरित्र है। यह जीवन चरित्र उन्हीं के शिष्य परम पूज्य प्राकृत भाषा चक्रवर्ती आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज द्वारा 1317 गाथाओं में लिपिबद्ध है। यह जीवन वृतांत अत्यंत सुरुचिकर वह प्रेरक है। जिनशासन के अत्यंत प्रभावक इन आचार्य का जीवन वृत्त अवश्य ही पठनीय है।

खुशी के आँसू

खुशी के आँसू

Hindi
खोज क्यों रोज-रोज

खोज क्यों रोज-रोज

Hindi
गंधारी-चरियं (गान्धारी चरित्र)

गंधारी-चरियं (गान्धारी चरित्र)

Prakrit
गउरी-चरियं (गौरी चरित्र)

गउरी-चरियं (गौरी चरित्र)

Prakrit
गागर में सागर

गागर में सागर

Hindi
गुणरत्नाकर (रत्नकरण्ड श्रावकाचार) (आ. श्री समंतभद्र स्वामी जी)

गुणरत्नाकर (रत्नकरण्ड श्रावकाचार) (आ. श्री समंतभद्र स्वामी जी)

Sanskrit

प्रस्तुत ग्रंथ "गुण रत्नाकर (रत्नकरण्ड श्रावकाचार)" लगभग 2000 साल पहले आचार्य श्री समंतभद्र स्वामी जी द्वारा रचित है जो श्रावकों की चर्या का वर्णन करता है। इस ग्रंथ में कुल 150 श्लोकों के माध्यम से संस्कृत को सरलता से हिंदी में समझाते हुए श्रावकों को अनुकूल चर्या का पालन करने का संकेत किया है। सुप्रसिद्ध रत्नकरण्ड श्रावकाचार की बहुपयोगिता को देखते हुए ग्रंथ का प्रकाशन सरल अर्थ के साथ किया गया है।

गुरु आस्था (ऐलक विज्ञान सागर)

गुरु आस्था (ऐलक विज्ञान सागर)

Hindi
गुरु कृपा

गुरु कृपा

Hindi

प्रस्तुत पुस्तक "गुरु कृपा" में वर्ष के 365 दिनों के लिए गुरु की कृपा स्वरूप पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के वचन प्रदान किए गए हैं। इस पुस्तक में 11 अक्टूबर 2009 से 10 अक्टूबर 2010 तक के प्रत्येक दिवस का एक सद्विचार देने का प्रयास किया है। यदि पाठक वृन्द स्वीकार करें तो उनके जीवन की दिशा और दशा ही परिवर्तित हो सकती है।

गुरुजी के दृष्टांत

गुरुजी के दृष्टांत

Hindi

प्रस्तुत पुस्तक "गुरुजी के दृष्टांत" आचार्य गुरुवर श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के प्रवचन में आये शिक्षाप्रद दृष्टांतों का संकलन है, जो बहुत प्रेरणादायक व तनाव को दूर करने वाला है।

गुरुतं भाग 1-24

गुरुतं भाग 1-24

Hindi
गुरुत्तं भाग -4

गुरुत्तं भाग -4

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-4" में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज का अद्भुत चिंतन जो भव्यों के कर्णगोचर हुआ उसको यहां कल्याणार्थ लिपिबद्ध किया गया है।इसके अंतर्गत "योग्यता की परख, सहनशीलता, चिंता, धैर्य, समताभाव, मानव, संकल्प, मर्यादा" इत्यादि सार्वजनिक, सार्वभौमिक विषयों का विवेचन किया गया है जो आबालवृद्ध और सामान्यजन से विद्वत् वर्ग तक अवग्राह्य है।

गुरुत्तं भाग- 10

गुरुत्तं भाग- 10

Hindi

ये "गुरुत्तं भाग-10" पुस्तक आचार्य गुरुवर श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के उन मीठे प्रवचनों का संकलन है जो मीठी औषधि के समान ग्रहण करने में सुखद और स्वास्थय भी अनुकूल करती है। इस भाग में "नरक के 3 द्वार, समय का सदुपयोग, निंदा का फल" आदि जीवनोपयोगी विषयों पर 21 प्रवचन हैं।

गुरुत्तं भाग- 11

गुरुत्तं भाग- 11

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-11" में आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज द्वारा दिए गए आत्म हित के लिए प्रेरित करने वाले "आद हिदं कादव्वं, आत्म हित" जैसे आध्यात्मिक और जिन भक्ति को बढ़ाने वाले 10 प्रवचनों का संकलन है।

गुरुत्तं भाग- 12

गुरुत्तं भाग- 12

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-12" में संकलित आचार्य गुरुवर श्री वसुनंदी जी मुनिराज के प्रवचन व्यक्तित्व को विराटता, हृदय को उदारता और विचारों को समीचीनता प्रदान करने वाले हैं। इस भाग में "जुबान की मिठास, टकराव नहीं समझौता, कर्तव्यनिष्ठ बनो" आदि 20 विषयों पर प्रवचन हैं, जो जीवन को सम्यक् दिशा और दशा देने वाले हैं।

गुरुत्तं भाग- 13

गुरुत्तं भाग- 13

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-13" परम पूज्य अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य गुरुवर श्री वसुनंदी जी महाराज के मीठे प्रवचनों का संकलन है। इसमें "उन्नति के चार सूत्र, चिन्ता के कारण, पहचानें समय की कीमत, कैसे वचन बोलें" इत्यादि समसामायिक शीर्षकों पर उपदेश देकर सभी के साथ युवा पीढ़ी पर विशेष उपकार किया है। तथा "सम्यक् ज्ञान, आत्महित के सूत्र, धन्य कौन" आदि शीर्षकों पर उपदेश देकर आत्म कल्याण हेतु प्रेरित कर मोक्षमार्ग पर भी अग्रसर किया है।

गुरुत्तं भाग- 14

गुरुत्तं भाग- 14

Hindi

"गुरुत्तं भाग-14" ये कृति आचार्य गुरुवर श्री वसुनंदी जी मुनिराज के 2019 नोएडा चातुर्मास में रविवार में हुए प्रवचनों का संकलन है। इसमें "समय का लुटेरा, गुरुत्वाकर्षण, नारी निर्मल बने निर्बल नहीं" आदि 9 आकर्षक विषयों पर प्रवचन हैं।

गुरुत्तं भाग- 15

गुरुत्तं भाग- 15

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-15" में "पुण्य के 13 फल, महापुरुष, पंडित कौन, बंधन" आदि 21 विषयों पर आचार्य श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के प्रवचन हैं। जो समीचीनता को समझने में आसान है।

गुरुत्तं भाग- 16

गुरुत्तं भाग- 16

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग -16" परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के प्रवचनों का संकलन है। जहां इसमें "धम्मो मंगल मुक्किट्ठं, प्रजातंत्र, अहिंसा, अपरिग्रह" शीर्षकों पर उपदेश दिया वहीं श्री राम का आदर्शमय जीवन व सेवा ही परम धर्म जैसे विषयों पर भी वक्तव्य देकर सामान्य जन को आत्मोन्नति का मार्ग प्रदर्शित किया।

गुरुत्तं भाग- 5

गुरुत्तं भाग- 5

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-5" में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के द्वारा रेवाड़ी (हरियाणा) में हुई मीठे प्रवचन श्रंखला को संकलित किया गया है। जिसमें पूज्य श्री ने "कौन धनी त्रिशला के महल का, अपने घर को स्वर्ग कैसे बनाएं, जिंदगी का चार्जर" इत्यादि मार्मिक, सारगर्भित, गूढ़ और बहुजनोपयोगी विषयों का विवेचन किया है। इसे पढ़कर पाठक सुख-शांति के शाश्वत मार्ग पर अग्रसर होकर आत्मान्वेषी बन सकता है।

गुरुत्तं भाग- 6

गुरुत्तं भाग- 6

Hindi

प्रस्तुत कृति "गुरुत्तं भाग-6" परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के ग्रीन पार्क दिल्ली 2017 चातुर्मास में आयोजित मीठे प्रवचन श्रृंखला में हुए प्रवचनों का संकलन है। इसका प्रत्येक प्रवचन जन-जन के लिए उपयोगी, मनमोहक सौन्दर्य व पराग से परिपूर्ण गुलदस्ते के समान है। इसमें "टकराव नहीं समझौता, आई. पी.एस. , हारिये मत हिम्मत, मैं ही क्यों" आदि विषयों पर जीवन की दिशा व दशा को बदलने वाले आकर्षक प्रवचन हैं।

गुरुत्तं भाग- 7

गुरुत्तं भाग- 7

Hindi

यह पुस्तक "गुरुत्तं भाग-7" आचार्य श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के मीठे प्रवचन का संकलन है। इस 7 वें भाग में "सर्वोदयी तीर्थ, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, प्रभु भक्ति" आदि 21 विषयों पर बहुत अच्छे प्रवचन हैं जो जीवन के लिए उपयोगी और सही दिशा देने वाले हैं।

गुरुत्तं भाग- 8

गुरुत्तं भाग- 8

Hindi

प्रस्तुत पुस्तक "गुरुत्तं भाग-8" आचार्य गुरुवर श्री वसुनन्दी जी मुनिराज के 2018 अजमेर चतुर्मास में रविवार को हुए मीठे प्रवचनों का संकलन है। इसमें "बंधन को वंदन, इन्द्रधनुष, हकीकत का चिराग" जैसे 10 रोचक शीर्षकों पर अमृतमयी प्रवचन हैं।